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मंगलवार, 3 अगस्त 2010

रज़ा से बातचीत- पहला हिस्सा

http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2010/08/100802_raza_intvw_part1_rp.shtml


सबसे महँगे भारतीय पेंटर को कम ही लोग जानते हैं.

सैयद हैदर रज़ा विवाद तो क्या, पत्रकारों से भी दूर रहते हैं, पुराने पेरिस के एक गुमनाम से अपार्टमेंट में, बिल्कुल एकांत में अपने रंगों के साथ.

रज़ा 88 साल की उम्र में बाक़ी जीवन गुज़ारने के लिए भारत लौटना चाहते हैं, वह भी छह दशक तक पेरिस में रहने और नाम कमाने के बाद.

कुछ समय पहले जब लंदन के नीलामीघर क्रिस्टीज़ ने रज़ा की पेंटिंग 'सौराष्ट्र' की नीलामी 16 करोड़ रुपए में की तो वे भारत के सबसे महँगे कलाकार के रूप में चर्चा में आए.

पेरिस के उनके घर पर बीबीसी हिंदी के राजेश प्रियदर्शी ने उनसे लंबी बातचीत की, बिना अँगरेज़ी की मिलावट किए रज़ा ने शुद्ध हिंदी में भारत में बिताए दिनों को याद किया.

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    कला के उत्थान के लिए यह ब्लॉग समकालीन गतिविधियों के साथ,आज के दौर में जब समय की कमी को, इंटर नेट पर्याप्त तरीके से भाग्दौर से बचा देता है, यही सोच करके इस ब्लॉग पर काफी जानकारियाँ डाली जानी है जिससे कला विद्यार्थियों के साथ साथ कला प्रेमी और प्रशंसक इसका रसास्वादन कर सकें . - डॉ.लाल रत्नाकर Dr.Lal Ratnakar, Artist, Associate Professor /Head/ Department of Drg.& Ptg. MMH College Ghaziabad-201001 (CCS University Meerut) आज की भाग दौर की जिंदगी में कला कों जितने समय की आवश्यकता है संभवतः छात्र छात्राएं नहीं दे पा रहे हैं, शिक्षा प्रणाली और शिक्षा के साथ प्रयोग और विश्वविद्यालयों की निति भी इनके प्रयोगधर्मी बने रहने में बाधक होने में काफी महत्त्व निभा रहा है . अतः कला शिक्षा और उसके उन्नयन में इसका रोल कितना है इसका मूल्याङ्कन होने में गुरुजनों की सहभागिता भी कम महत्त्व नहीं रखती.